Sitamarhi Chunav Result 2025: बिहार में नया राजनीतिक चमत्कार! Nitish की जीत के पीछे छुपा बड़ा राज क्या है?

Sitamarhi Chunav Result 2025: सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। प्रारंभिक रुझान इस सीट पर बेहद

Nov 14, 2025 - 18:03
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Sitamarhi Chunav Result 2025: बिहार में नया राजनीतिक चमत्कार! Nitish की जीत के पीछे छुपा बड़ा राज क्या है?

Sitamarhi Chunav Result 2025: सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। प्रारंभिक रुझान इस सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबले की ओर इशारा कर रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार सुनील कुमार पिंटू और राजद के सुनील कुमार के बीच सीधा मुकाबला है। नौवें राउंड तक भाजपा के सुनील कुमार पिंटू 11,263 वोटों से आगे चल रहे हैं। यह सीट हमेशा से अपने उतार-चढ़ाव भरे चुनावी इतिहास के लिए जानी जाती है, जहां हर बार समीकरण आखिरी राउंड में बदलते दिखे हैं। यही कारण है कि सीतामढ़ी को बिहार राजनीति की "थ्रिलर सीट" के तौर पर भी जाना जाता है।

सीतामढ़ी सीट पर गिनती का सिलसिला शुरू होते ही रुझान बदलते रहे। सुबह 8:50 बजे तक भाजपा उम्मीदवार पिछड़ रहे थे। पहले राउंड में राजद के सुनील कुमार ने 4,308 वोटों के साथ बढ़त बनाई, जबकि भाजपा के पिंटू को 3,162 वोट मिले। दूसरे राउंड में भी राजद ने बढ़त बनाए रखी और 1,477 वोटों से आगे रहे। लेकिन चौथे राउंड ने मुकाबले को पूरी तरह पलट दिया। भाजपा के सुनील कुमार पिंटू ने 18,285 वोट हासिल कर 1,258 वोटों की बढ़त बना ली। सातवें राउंड तक यह बढ़त और बढ़ती गई, जहां पिंटू 32,434 वोट लेकर 7,140 वोटों से आगे निकल गए। नौवें राउंड तक भाजपा की बढ़त बढ़कर 11,263 हो गई, जबकि राजद के सुनील कुमार 28,942 वोटों के साथ पीछे चल रहे थे।

सीतामढ़ी का चुनावी इतिहास: कभी भाजपा का किला, कभी राजद का कब्ज़ा

सीतामढ़ी विधानसभा का इतिहास बताता है कि यह सीट पिछले तीन दशकों में कई बार हाथ बदली है। 2020 में भाजपा के मिथिलेश कुमार ने राजद के सुनील कुमार को 11,475 वोटों से हराया था। इससे पहले 2015 में राजद ने सीट पर कब्ज़ा जमाया था, जब सुनील कुमार ने भाजपा के सुनील कुमार पिंटू को हराया था। यदि पिछले चार चुनावों को देखें तो भाजपा ने तीन बार और राजद ने एक बार जीत हासिल की है। 2000 में राजद जीती, 1995 में भाजपा का कब्ज़ा रहा, जबकि 1990 में जनता दल ने सीट पर जीत दर्ज की थी। यानी यह सीट हमेशा से सत्ता परिवर्तन का केंद्र रही है, जहां मतदाता हर चुनाव में नया समीकरण बनाते रहे हैं।

मतदान प्रतिशत और जनता का रुझान: उतार-चढ़ाव के बीच निर्णायक भूमिका

सीतामढ़ी सीट पर मतदान प्रतिशत भी चुनाव परिणामों को प्रभावित करता रहा है। 2010 में जहां 52.93% वोट पड़े, वहीं 2015 में यह बढ़कर 63.48% हो गया। 2020 में मतदान प्रतिशत थोड़ा कम होकर 61.86% पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि जनता इस सीट पर हमेशा सक्रिय रही है और हर चुनाव में नए उत्साह के साथ मतदान किया है। 2025 के चुनाव में भी यही उत्साह दिखा, जहां शुरुआती रुझान भाजपा के पक्ष में मजबूत बढ़त की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजे अभी बाकी हैं, लेकिन वोटों की गिनती के दौरान जिस तरह से मुकाबला पलटता रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि सीतामढ़ी सीट एक बार फिर बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनी हुई है।

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