तेजस्वी ने बिल्कुल ठीक कहा है, हर बिहारी को तेजस्वी के साथ खड़ा होना चाहिए...
भाजपा और जदयू के नेता प्रवक्ता कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव ने दूसरे राज्य में जाकर बिहार को अपमानित करने का काम किया है। केरल भारत से बाहर है क्या ! केरल भी तो भारत का ही हिस्सा है। तेजस्वी को जाकर वहां क्या कहना चाहिए था कि बिहार देश का सबसे विकसित राज्य है। अगर हमारी सरकार केरल में बनीं तो हम केरल को भी बिहार जैसा बना देंगे।
My Opinion तेजस्वी यादव ने केरल में भाषण क्या दे दिया, भाजपा और जदयू के लोग परेशान हो उठे हैं। भाजपा और जदयू के साथ साथ चिराग, मांझी सब तेजस्वी पर हमलावर हो उठे हैं। तेजस्वी यादव ने गलत क्या कहा है। तेजस्वी यादव ने ठीक ही तो कहा है कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है। गरीब है तो है, उसमें दिक्कत की क्या बात है !
भाजपा और जदयू के नेता प्रवक्ता कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव ने दूसरे राज्य में जाकर बिहार को अपमानित करने का काम किया है। केरल भारत से बाहर है क्या ! केरल भी तो भारत का ही हिस्सा है। तेजस्वी को जाकर वहां क्या कहना चाहिए था कि बिहार देश का सबसे विकसित राज्य है। अगर हमारी सरकार केरल में बनीं तो हम केरल को भी बिहार जैसा बना देंगे।
कड़वी सच्चाई है कि केरल तो क्या, देश का कोई भी राज्य बिहार जैसा बनना नहीं चाहेगा। अपने मुंह मियां मिट्ठु बनने से क्या फायदा है। कबूतर अपनी आंखे बंद कर ले तो इसका मतलब ये नहीं हुआ कि खतरा टल गया। दरअसल बिहार की युवा पीढ़ी बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। बिहार में कल कारखाना इंडस्ट्री फैक्ट्री कितनी लगी है, जो है वो भी बंद होने के कगार पर है।
सच्चाई यही है कि बिहार में कोई युवा नहीं रहना चाहता है। बिहार को छोड़िए, राजधानी पटना में ही रोजगार के कितने अवसर है, ये सबको पता है। जो लोग पटना में रहते भी हैं, उन सबके बच्चे दिल्ली, नोएडा, बैंगलोर, चेन्नई, मुंबई, पुणे, हैदराबाद में हैं। कोई यहां लौट कर आना नहीं चाहता है। ऐसे में क्या गलत कहा है तेजस्वी ने।
पटना में ओला, उबर, रैपिडो में बाइक चलाना, जोमैटो, स्विगी, बिग बास्केट, ब्लिंकिट में डिलीवरी ब्वॉय की ही नौकरी बची हुई है। ऐसे में क्या गलत कह दिया तेजस्वी यादव ने....
केरल की प्रति व्यक्ति आय लगभग 03 लाख 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष है। बिहार की प्रति व्यक्ति आय 76 हजार रुपये प्रतिवर्ष है। आंकड़ों में बिहार का मौसम चाहे कितना भी गुलाबी लगे पर हकीकत में बिहार का नौजवान हर दिन ट्रेन में लटक कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने निकल जाता है। पेट की भूख शांत करने के लिए जिस राज्य के युवा बाहर जाते हो, उसे जबरन कैसे अमीर कह दिया जाए.... तेजस्वी की निंदा करने की बजाय भाजपा, जेडीयू के लोग बिहार के नौजवानों के पलायन और बेरोजगारी पर रोक लगाएं।
दरअसल बिहार के ये जितने भी नेता तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को गरीब बताए जाने पर चिढ़ रहे हैं, उनके बच्चों के पास अकूत धन दौलत हैं, उनको बाकी के बिहारियों का दर्द पता तो है लेकिन उससे कोई लेना देना नहीं है।
उधर चिराग पासवान की बेशर्मी देखिए कि बीते 20 सालों से बिहार में एनडीए की सरकार है। उनके पिता रामविलास पासवान हर सरकार में मंत्री रहते थें। खुद चिराग पासवान लगातार सांसद और अब केंद्रीय मंत्री रहें, बिहार की गरीबी दूर करने के लिए कोई प्रयास उनका दिखा है क्या.... वो भी तेजस्वी यादव के बयान पर हमलावर हैं। चिराग पासवान के समाज के लोग यानी पासवान समाज में कितनी गरीबी और तंगहाली है, ये किसी से छिपा हुआ है क्या !
दरअसल तेजस्वी यादव ने अपने भाषण के जरिए आईना दिखाया है केंद्र और बिहार की सरकार को। इसमें कोई दो राय नहीं कि बिहार की गरीबी के लिए तेजस्वी यादव की पार्टी भी जिम्मेदार है लेकिन सिर्फ तेजस्वी यादव की पार्टी जिम्मेदार हैं, ऐसा कहने वाले अव्वल दर्जे के धूर्त हैं और बिहार के लोगों को मूर्ख समझते हैं।
बिहार की गरीबी के लिए भाजपा, जदयू , राजद और कांग्रेस सभी जिम्मेदार हैं। यहां के 99 फीसदी नेता और अफसर सिर्फ या तो सरकारी खजाने को लूटने के लिए बैठे हैं या फिर अपने बाल बच्चों के लाइफ को सेट करने के लिए। ऐसे में तेजस्वी यादव को बुरा भला बोलने की बजाय भाजपा और जदयू के लोगों को अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए क्योंकि 20 साल से राज आपका ही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0