बिहार के गांवो की बदलेगी तस्वीर, 725 आधुनिक हाट बाजार बनाने की तैयारी

राज्य सरकार की भावना है कि बिहार के लोगों को उनके गांव घर में ही रोजगार मिले। बिहार में बेरोजगारी के साथ ही पलायन पर रोक लगे। राज्य की एनडीए सरकार ने विकसित भारत जी राम जी मिशन 2025 के अंतर्गत राज्य के ग्रामीण इलाकों में 725 आधुनिक हाट और बाजार निर्माण करने का संकल्प लिया है।

Feb 25, 2026 - 19:26
Feb 25, 2026 - 19:28
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बिहार के गांवो की बदलेगी तस्वीर, 725 आधुनिक हाट बाजार बनाने की तैयारी
तस्वीर सांकेतिक हैं एवं Google से ली गईं हैं।

BIHAR NEWS 2026 बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बहुत जल्द बदलने जा रही है। बिहार सरकार अब गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राज्य के ग्रामीण इलाकों में 725 नए हाट और बाजार बनाया जाएगा। इन हाट और बाजारों में किसान, पशुपालक और महिलाएं अपने निर्मित उत्पादों को बेच सकेंगी। 

राज्य सरकार की भावना है कि बिहार के लोगों को उनके गांव घर में ही रोजगार मिले। बिहार में बेरोजगारी के साथ ही पलायन पर रोक लगे। राज्य की एनडीए सरकार ने विकसित भारत जी राम जी मिशन 2025 के अंतर्गत राज्य के ग्रामीण इलाकों में 725 आधुनिक हाट और बाजार निर्माण करने का संकल्प लिया है। 

BIHAR HAAT BAZAR NEWS इस प्लांनिग के तहत राज्य में 447 छोटे हाट और 278 बड़े बाजार तैयार किए जाएंगे। इसके बनने से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और मछली उत्पादन करने वालों को उनके घर और गांव के आसपास में ही आधुनिक और तमाम सुविधाओं से लैस एक बाजार मुहैया हो सके। इस कदम से उनकी आय में वृद्धि होगी। गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। रोजी रोटी की तलाश में गांव घर से दूर जाने की परंपरा में कमी आ सकेगी। 

जानकारी के लिए बता दें कि इन ग्रामण हाट और बाजारों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में छोटे हाट बनाए जाएंगे। यहां बाजार लगाने के लिए शेड, चबूतरा, शौचालय और पेयजल का प्रबंध होगी। इनमें जीविका दीदियों के लिए तीन पक्की दुकानें होंगी। यह बाजार कचरा मुक्त और साफ सुथरा होगा। 

वहीं द्वितीय और तृतीय श्रेणी के बाजारों का दायरा विस्तृत होगा। यहां पर 13 से 16 चबूतरे होंगे। कार्यालय होगा। मल्टीपरपस स्टोर बनेगा। जीविका दीदियों के लिए 06 पक्की दुकानें होंगी। सरकार का मकसद है कि इन द्वितीय और तृतीय श्रेणी के बाजारों में साफ सफाई का उम्दा प्रबंध और एक बेहतरीन प्रशासनिक ढांचा भी उपलब्ध रहे। 

इन बाजारों की एक और विशेषता यह होगी कि इन्हें ई नाम योजना से भी जोड़ा जाएगा। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि ग्रामीण क्षेत्र के किसान, पशुपालक एवं अन्य उत्पादक अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन नेशनल मार्केट में भी बेच सकेंगे। इससे उनके उत्पाद का दायरा विकसित होगा। 

इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनेगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर अभियंता तक शामिल होंगे ताकी इन बाजारों का संचालन सुचारु रुप से होता रहे। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का मानना है कि इन बाजारों और हाटों की स्थापना से राज्य के किसानों को दलालों से मुक्ति मिल जाएगी। वो अपना उत्पाद सीधे लोकल स्तर पर ही बेच सकेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने पर उन्हें अपना उत्पाद बेचने के लिए एक राष्ट्रीय मंच भी मिल जाएगा। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News