होटल के बेड पर सिर्फ सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है ?

जब भी हम किसी होटल में जाते हैं तो वहां आराम के मूड में जाते हैं। जैसे ही कमरा खुलता है और बेड पर साफ और सफेद बेड दिखाई देता है तो मानसिक थकान वहीं कम हो जाती है। दिमाग को शांति और सुकून मिलता है।

Jun 18, 2026 - 09:13
Jun 18, 2026 - 09:18
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होटल के बेड पर सिर्फ सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है ?

आपने कई बार होटलों में कमरे बुक किए होगे और उनमें आराम किया होगा। इस दौरान आपके मने में यह सवाल जरुर आता होगा कि इन होटलों के कमरों में सिर्फ सफेद चादरें ही क्यों बिछाई जाती हैं। आज इस रहस्य पर बिछी चादर को हम हटाएंगे और आपको दिलचस्प जानकारी मुहैया कराएंगे। 

आप यह सोच भी नहीं सकते हैं कि इन सफेद चादरों के पीछे बड़ी सोच छिपी होती है। इससे गेस्ट के मन में भरोसा तो जगता ही है साथ ही साथ सुकून और शांति का भी एहसास होता है। इस सफेद चादरों और बिस्तरों के पीछे विज्ञान और मनोविज्ञान दोनों ही छिपे होते हैं। इसके पीछे होटल इंडस्ट्री का बेहद डीप माइंड काम करता है। आइए, आज इसे आसान भाषा में समझते हैं। 

जब भी हम किसी होटल में जाते हैं तो वहां आराम के मूड में जाते हैं। जैसे ही कमरा खुलता है और बेड पर साफ और सफेद बेड दिखाई देता है तो मानसिक थकान वहीं कम हो जाती है। दिमाग को शांति और सुकून मिलता है। कहते हैं कि सफेद रंग का हमारे माइंड से सीधा Connection होता है। सफेद रंग देखकर हमारे अंदर रिलैक्स और पॉजिटिव होने की भावना आ जाती है। सफेद रंग तनाव को दूर करता है। 

सफेद रंग स्वच्छता और हाइजीन का सबूत होता है। सफेद रंग पर धूल का एक कण भी नहीं छिप सकता। रंगीन और डिजाइनर चादरों में गंदगी छुप सकती है लेकिन सफेद में नहीं। सफेद रंग देखकर गेस्ट के मन में सफाई और हाइजीन के प्रति भरोसा जग जाता है और उन्हें लगता है कि यहां पर साफ सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है। 

यह तो आपको पता ही होगा कि छोटे से लेकर बड़े होटलों में कमरों की चादरें रोजाना बदली और धोई जाती है। अगर अलग अलग कमरे में अलग अलग रंग की चादरें होंगी तो उन्हें धोने के समय रंग छूटन का डर होगा जबकि अगर सारे चादर और बिस्तर सफेद होंगे तो यह डर नहीं रहेगा। सफेद चादर में ब्लीच होने की वजह से इसके बैक्टिरिया मर जाते हैं। जितनी ज्यादा धुलाई होती है, ये सफेद चादर उतने ही सफेद और चमकदार हो जाते हैं। सफेद चादर और बिस्तर होटलों के स्टाफ के लिए भी बेहद आसान होते हैं। 

सफेद बेड और चादर की शुरुआत 1999 से मानी जाती है। वेस्टिन नामक एक होटल ने एक रिसर्च के बाद अपने होटलों में इन सफेद चादरों और बेड की शुरुआत की थी। ये देखने में बेहद लग्जरी लगता था। जब पूरे कमरे में सफेद चादर और बेड बिछी होती है तो कमरे का पूरा लुक ही बदल जाता है। वहां ठहरने वालों को वीआईपी फील होता है। यही वजह रही कि उसके बाद ये सफेद बिस्तर और चादर ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है। 

हम सब यह बात जानते हैं कि सफेद रंग लाइट को बेहतर तरीके से रिफ्लेक्ट करता है। यही वजह है कि जब कमरे की लाइट या खिड़की से आने वाली धूप सफेद चादर पर पड़ती है तो पूरा कमरा खुला खुलास और गुलजार दिखने लगता है। छोटा सा कमरा भी बड़ा और खुला महसूस होने लगता है। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News