सम्राट से ज्यादा लोकप्रिय तेजस्वी, नीतीश अब भी पहले नंबर पर.....
बिहार का अति पिछड़ा समाज हो या फिर लव कुश समीकरण सबकी पहली पसंद अब भी नीतीश कुमार ही हैं लेकिन भविष्य में उनकी पसंद आरजेडी और तेजस्वी यादव हो सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सर्वेक्षण चुनौती है।
बिहार में आज भी नीतीश कुमार का जलवा बरकरार है। नीतीश कुमार अब भले ही बिहार की राजनीति से दूर होकर दिल्ली की राज्यसभा में चले गए हैं लेकिन लोकप्रियता के मामले में वही सबसे आगे हैं यानी नंबर वन हैं। बिहार का अति पिछड़ा समाज हो या फिर लव कुश समीकरण सबकी पहली पसंद अब भी नीतीश कुमार ही हैं लेकिन भविष्य में उनकी पसंद आरजेडी और तेजस्वी यादव हो सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सर्वेक्षण चुनौती है।
आपको पूरा मामला विस्तार से बताते हैं। आईओएन भारत नाम की एक संस्था है तो देश के अलग अलग राज्यों में जाकर गहराई से वहां की राजनीति का अध्ययन और विश्लेषण करती है। इस संस्था की निष्पक्षता एवं कुशलता की सराहना तमाम राजनीतिक विचारधारा के लोग करते हैं। हाल ही में इस संस्था ने बिहार की वर्तमान राजनीति को लेकर सर्वे किया है। आईओएन भारत ने बिहार को लेकर पहले भी कई सर्वे किए हैं। इसी संस्था के माध्यम से जाने माने राजनीति एवं चुनाव विश्लेषक रामबंधु वत्स ने बिहार की वर्तमान स्थिति को लेकर सर्वे किया है जो बिहार में भाजपा और सीएम सम्राट चौधरी के लिए अच्छी खबर नहीं है।
यह सर्वे तेजस्वी यादव और आरजेडी का उत्साह बढ़ाने वाला है। वो कैसे, हम आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल सेफॉलॉजिस्ट रामबंधु वत्स के नेतृत्व में आईओएन भारत की टीम ने बिहार के सभी प्रखंडों में कुछ सवालों के माध्यम से एक सर्वे किया। इस सर्वे में बिहार के 5340 वार्ड सदस्यों का वॉयस सैंपल लिया गया। यह सर्वे 10 मई से 23 मई के बीच पूरा हुआ। इन सभी 5340 वार्ड सदस्यों से कुछ सवाल पूछे गए। यह सर्वे कोई हवा हवाई सर्वे नहीं था बल्कि बिहार के हर प्रखंड के लव कुश और अति पिछड़ी जातियों के वार्ड सदस्यों से सीधे बातचीत और चर्चा पर आधरित है।
इन वार्ड सदस्यों से जब यह सवाल पूछा गया कि क्या लव कुश और अति पिछड़ा वोट बैंक क्या अब जेडीयू और नीतीश से निकल कर भाजपा और सम्राट चौधरी की तरफ शिफ्ट हो चुका है तो जवाब में सिर्फ और सिर्फ नीतीश प्रेम सुनाई पड़ा लेकिन इसके बाद वार्ड सदस्यों का जो जवाब था वो चौंकाने वाला था। एक सवाल यह पूछा गया कि कल को भविष्य में अगर आप जनता दल यूनाइटेड को वोट नहीं देते हैं तो आपका विकल्प क्या होगा ? उम्मीदों के विपरीत वार्ड सदस्यों ने आरजेडी और तेजस्वी यादव को अपनी पसंद बताया मतलब नीतीश कुमार के बाद पिछड़े वर्ग की पहली पसंद आरजेडी ही है, भाजप नहीं। लगभग 33 प्रतिशत वार्ड सदस्यों ने अपनी पसंद आरजेडी को बताया।
वैसे तो इस सर्वे ने कई दूसरे विषयों पर भी चर्चा की लेकिन वार्ड सदस्यों से हुई बातचीत यह बताती है कि तेजस्वी यादव के लिए नीतीश कुमार एक बड़ी चुनौती थें लेकिन अगर बिहार में साफ सुथरे और निष्पक्ष चुनाव हुए तो तेजस्वी यादव अभी जितने कमजोर दिखाई पड़ रहे हैं, उतने नहीं रहेेंगे क्योंकि बिहार की राजनीति से नीतीश कुमार भले ही दिल्ली चले गए हैं लेकिन अति पिछड़ा और लव कुश जमात के बीच उनके पांव आज भी अंगद की तरह जमे हुए हैं।
हालांकि सीएम सम्राट चौधरी के पास अभी समय और सत्ता दोनों ही हैं। अगर वो अति पिछड़ा और लवकुश जमात के बीच अपनी लोकप्रियता में वृद्धि करते हैं तो शायद आज जो परिस्थिति है, उसमें बदलाव आ जाए लेकिन अभी तेजस्वी यादव जो विपक्ष के नेता हैं वो सम्राट चौधरी के लिए भविष्य में चुनौती बनकर सामने आ सकते हैं।
वार्ड सदस्य सबसे छोटी इकाई के जनप्रतिनिधि होते हैं। वो जमीन से जुड़े पब्लिक की आवाज होते हैं, वैसे में उनके साथ ंहुए सर्वेक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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