होली के समय भूल कर भी न करें ये काम, आ सकती हैं परेशानियां....

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलाष्टक का प्रारंभ फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है। इस वर्ष यानी 2026 का होलाष्टक 24 फरवरी की सुबह 07 बजकर 01 मिनट से प्रारंभ हो रहा है। यह होलिका दहन तक जारी रहेगा। ऐसे में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य करने से जातकों को बचना चाहिए अन्यथा व्यक्तिगत जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Feb 22, 2026 - 14:38
Feb 22, 2026 - 14:47
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Holi 2026 में होली का त्योहार 04 मार्च को मनाया जा रहा है। ऐसे में 24 फरवरी से होलाष्टक शुरु हो रहा है। ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से इस समय को अशुभ माना जाता है। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्यक्रम नहीं किया जाता है। होलाष्टक 03 मार्च 2026 तक जारी रहेगा। मान्यताओं के अनुसार इन आठ दिनों तक नकारात्मक उर्जा का प्रभाव अपने चरम पर रहता है। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलाष्टक का प्रारंभ फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है। इस वर्ष यानी 2026 का होलाष्टक 24 फरवरी की सुबह 07 बजकर 01 मिनट से प्रारंभ हो रहा है। यह होलिका दहन तक जारी रहेगा। ऐसे में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य करने से जातकों को बचना चाहिए अन्यथा व्यक्तिगत जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

प्राचीन कथाओं के अनुसार इन्हीं आठ दिनों की अवधि के दौरान हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र भक्त प्रह्लाद को कठोर यातनाएं दी कि वो ईश्वर की भक्ति का मार्ग छोड़ दे। श्रीहरि भक्त प्रह्लाद को दी गई यातनाओं, अनंत कष्टों की वजह से इस अवधि को अशुभ माना जाता है। 

ज्योतिष के जानकार इस अवधि को बेहद संवेदनशील मानते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस आठ दिनों की अवधि में आठों ग्रह प्रतिकूल और उग्र अवस्था में होते हैं। इस वजह से जातकों की निर्णय लेने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मन शांत नहीं रहता। यही वजह है कि इस अवधि में शुभ एवं मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाता है क्योंकि मनोवांछित फल की प्राप्ति नहीं होती। 

होलाष्टक के दौरान क्या न करें ?

  • किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन, यज्ञोपवित और नामकरण इस अवधि में न करें। 
  • नया व्यापार का प्रारंभ न करें। कोई नया प्रतिष्ठान शुरु न करें। इससे घाटे का सामना करना पड़ सकता है। 
  • गृह प्रवेश करने या नए भवन की आधारशीला इस दौरान रखने से परहेज करें। 
  • सोना, चांदी, जमीन, मकान, वाहन आदि की खरीद न करें। 

होलाष्टक की अवधि के दौरान यह काम अवश्य कर सकते हैं : ?

  • अपने आराध्य ईश्वर का ध्यान रखें। 
  • भजन कीर्तन में मन को रमाएं। 
  • असहायों, अनाथों और गरीबों को दान करें।
  • होली के रंग, अबीर, गुलाल को गरीब बच्चों में वितरित करें।
  • हर किसी के घर में होली की पकवान बनें, इसके लिए अन्न, घी आदि का वितरण करें।
  • यकीन मानिए, ईश्वर की कृपा आप पर अवश्य होगी। जरुरतमंदों की सेवा और मदद से बड़ा परोपकार और धर्म कुछ भी नहीं हो सकता। 


DISCLAIMER : यहां बताई गई सभी बातें मान्यताओं और आस्था पर आधारित है। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News