उपेंद्र कुशवाहा पर संकट, चिराग पासवान भी सेफ नहीं...
बीजेपी बिहार में एकछत्र राज करने के रास्ते पर आगे बढ़ी... नीतीश कुमार की कुर्सी भी कुछ दिनों की मेहमान है.... क्या बीजेपी का बिहार में अपना राज, अपनी सरकार आने जा रही है
वैसे तो इन दिनों पूरे बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ रही है पर बिहार की राजनीति पूरी तरह से गरम हो चुकी है। इस गरम हो चुकी राजनीति से विपक्ष पूरी तरह से गायब है। राजनीतिक तापमान में जो गरमाहट दिख रही है वो पूरी तरह से सत्ता पक्ष के भीतर ही दिखाई दे रही है।
एक तरफ खबर आ रही है कि भाजपा अब बिहार में अपना सीएम बनाना चाहती है और नीतीश कुमार को हटाना चाहती है तो दूसरी तरफ उपेंद्र कुशवाहा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के मात्र 04 विधायक हैं। एक उपेंद्र कुशवाहा की खुद की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा हैं बाकी के तीन विधायक उनकी पकड़ और पहुंच से बाहर होते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की ओर से लिट्टी पार्टी का आयोजन हुआ तो बाकी के तीन विधायक नई दिल्ली में थें। मजेदार बात तो यह है कि दिल्ली में भी ये विधायक कहां थें तो जवाब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर रहे थें।
इनमें से एक विधायक रामेश्वर महतो जो जनता दल यूनाइटेड के रास्ते उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोरचा में आए और अभी विधायक हैं, उन्होंने तो बाकायदा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी व्यक्त कर दी थी। ये सभी उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने पुत्र दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं।
इधर उपेंद्र कुशवाहा के राज्यसभा का कार्यकाल भी समाप्त होने की ओर है। अब बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या उपेंद्र कुशवाहा को वापस राज्यसभा भेजा जाएगा या फिर उनके हाथ खाली रह जाएंगे। उनके बेटे दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं फिर भी मंत्री बन गए हैं।
लिहाजा उनके लिए एमएलसी बनना जरुरी होगा। अब बीजेपी कुशवाहा को राज्यसभा भी भेजेगी और उनके बेटे को एमएलसी बनाएगी...क्या ये दोनों संभव है ! विधायक बागी हुए तो कुशवाहा का राज्यसभा भी जाना मुमकीन नहीं होगा।
चिराग पासवान फिलहाल खतरे के रडार से बाहर हैं लेकिन पूर्ण रुप से सुरक्षित वो भी नहीं हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोक जनषक्ति पार्टी रामविलास की पार्टी के कई विधायक भी भारतीय जनता पार्टी के बैकग्राउंड से आते हैं। भारतीय जनता पार्टी को जब भी जरुरत महसूस होगी, वो विधायक उनके साथ आ जाएंगे।
जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोरचा सेकुलर के 05 विधायक हैं जिनमें 03 उनके परिवार के ही सदस्य हैं। मांझी खुद केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन बिहार की नीतीश सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में मांझी के 03 विधायक कम से कम सुरक्षित हैं।
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