दिव्यांगों के लिए खुशखबरीः रोजगार के लिए बिहार सरकार देगी 10 लाख, जानिए पूरी खबर
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमीय योजना का उद्देश्य बिहार के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित करना है। यह योजना समाज कल्याण विभाग और उद्योग विभाग के समन्वय से संचालित होता है। योजना का लाभ लेने हेतु नए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत चयनित दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण एवं अनुदान की सुविधा प्रदान की जाएगी।
बिहार सरकार हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्ययोजना बना रही है और उस पर सक्रियता से काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य के दिव्यांगों को आर्थिक रुप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना का उद्देश्य बिहार के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित करना है। यह योजना समाज कल्याण विभाग और उद्योग विभाग के समन्वय से संचालित होता है। योजना का लाभ लेने हेतु नए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत चयनित दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण एवं अनुदान की सुविधा प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को न्यूनतम 40 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र एवं वैलिड यूडीआईडी होना आवश्यक है। आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। उन्हें न्यूनतम इंटरमीडियट या समकक्ष परीक्षा पास होना जरुरी है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारी भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों के लिए उम्र सीमा न्यूनतम 18 साल एवं अधिकतम 50 साल है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 15 मार्च है। अभ्यर्थियों को ऑफिशियल पोर्टल https://udyami.bihar.gov.in/ पर जाना होगा। वहां दिए गए सभी कॉलम को भरना होगा। चुने गए अभ्यर्थियों को अपना व्यवसाय शुरु करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर लोन और सब्सिडी की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
बात करें मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के लिए दस्तावेजों की तो आवेदक को अप्लाई करते समय निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्मतिथि हेतु मैट्रिक प्रमाण पत्र, संस्था का रजिस्ट्रेशन, फोटो एवं सिग्नेचर अपलोड करना होगा। अप्लाई करने से पहले ये ध्यान रखें कि आपकी उद्यम यूनिट का प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रुप में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
नोट : अगर पहले से किसी ने उद्योग विभाग की किसी दूसरी योजना का लाभ ले लिया है तो वो इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0