बिहार में बढ़ने जा रही लोकसभा की सीटें, 60 सीटें, बदल जाएगा पूरा गणित
बिहार में अभी लोकसभा की 40 सीटें हैं। सब कुछ ठीक रहा तो अगले चुनाव तक यह 40 से बढ़कर सीटें 60 हो सकती है। यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। कई सीटों का गणित इधर से उधर हो जाएगा।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों से 33% महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी ने हैं। संभव है कि 2011 की जनगणना के आधार पर देश भर में लोकसभा सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाए और लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो जाए। इनमें से 273 सीटें ऐसी होंगी जो महिलाओं के लिए आरक्षित होगी।
वहीं संभावना यह है कि बिहार में लोकसभा की सीटों की संख्या में भी वृद्धि हो जाएगी। अभी वर्तमान में बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं जो बढ़कर 60 हो जाए। अगर ऐसा होता है तो यह एक क्रांतिकारी बदलाव देश के साथ साथ बिहार की राजनीति में भी होगा।
ऐसा होने पर कई सीटों का भूगोल तो बदलेगा ही, तमाम समीकरण भी इधर से उधर हो जाएंगे। सब कुछ नया हो जाएगा। कई नए चेहरों को राजनीति में आने का मौका मिल जाएगा। 40 की जगह 60 लोकसभा के सांसद चुनाव जीत कर दिल्ली पहुंच जाएंगे।
इस राजनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा लाभ महिला नेताओं को मिलेगा क्योंकि इनमें से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। वैसे तो कई नई महिला नेताओं को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा पर यह भी तय है कि पहले से राजनीति में स्थापित नेता अपने लिए सीट नहीं मिल पाने पर अपने परिवार की महिलाओं को मैदान में उतार सकते हैं।
हालांकि इन सबके बावजूद देश की सबसे बड़ी पंचायत में महिलाओं का बड़ी संख्या में पहुंचना एक क्रांतिकारी बदलाव बनेगा। बिना आरक्षण के भी पहले से बड़ी संख्या में महिलाएं संसद में मौजूद हैं। महिला आरक्षण इस मौजूदगी को और मजबूती प्रदान करेगा। बिहार की बात करें तो बिहार में लगभग 20 लोकसभा की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएगा।
वहीं बात बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की कर लेते हैं। लोकसभा सीटों के लिहाज से आज भी उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां वर्तमान में लोकसभा की 80 सीटें हैं। नया परिसीमन लागू होने के बाद यहां लोकसभा की सीटें 80 से बढ़कर 120 हो जाएगा।
वहीं आपके मन में सवाल अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को लेकर भी आ सकता है। तो आपको बता दें कि जैसे ही लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी होगी, वैसे ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति यानी SC ST का आरक्षण भी स्वत: बढ़ जाएगा।
अभी देश की लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 84 है जो बढ़कर 126 हो सकती है जबकि अनुसूचित जनजाति की सीटें 47 से बढ़कर 70 तक हो सकती हैं।
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