होलिका दहन में इन लकड़ियों को कभी भूलकर भी नहीं जलाना चाहिए...
होलिका दहन को कभी भी मजाक का विषय नहीं समझना चाहिए। आज भी अनेक हिंदू परिवारों में होलिका की पूजा की जाती है। होलिका दहन के पूर्व अनुष्ठान किया जाता है। परिवार के लोग पूजन सामग्री लेकर होलिका दहन वाली जगह पर पहुंचते हैं। अनेक प्रकार की पूजन सामग्रियों को इसमें अपर्ण किया जाता है। इसके बाद ही ठीक मुहूर्त में होलिका दहन की जाती है।
Holika Dahan सनातन परंपरा में होलिका दहन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि होलिका दहन के साथ ही तमाम नकारात्मक उर्जा जलकर स्वाहा हो जाती है। जिस तरह से दीपावली की रात आध्यात्मिक रुप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, वैसा ही महत्व होलिका दहन वाली रात्रि का भी होता है। अगर आप ईश्वरीय शक्तियों में आस्था रखते हैं तो इस रात को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
होलिका दहन को कभी भी मजाक का विषय नहीं समझना चाहिए। आज भी अनेक हिंदू परिवारों में होलिका की पूजा की जाती है। होलिका दहन के पूर्व अनुष्ठान किया जाता है। परिवार के लोग पूजन सामग्री लेकर होलिका दहन वाली जगह पर पहुंचते हैं। अनेक प्रकार की पूजन सामग्रियों को इसमें अपर्ण किया जाता है। इसके बाद ही ठीक मुहूर्त में होलिका दहन की जाती है।
कई लोग होलिका दहन में कई प्रकार की वस्तुओं को डाल देते हैं, किसी भी तरह की लकड़ियों को अग्नि भेंट कर देते हैं। यह सब करने से बचना चाहिए। होलिका दहन में सिर्फ सूखी हुई लकड़ियों का प्रयोग करना चाहिए। भूल कर भी हरे पेड़ काटकर इसमें डालकर जलाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इससे प्रकृति की रक्षा भी होती है और होलिका पूजा से मनोवांछित फलों की प्राप्ति भी होती है।
अगर आप नास्तिक हैं तो कोई बात नहीं लेकिन अगर आप परमेश्वर में आस्था रखते हैं तो कुछ बातों का ख्याल आपको रखना ही पड़ेगा। हम ऐसे कुछ और भी पेड़ों का नाम आपको बताते हैं, जिसे होलिका की अग्नि में जलाने से परहेज करना चाहिए।
1. पीपल : सनातन धर्म में पीपल को एक पवित्र वृक्ष माना जाता है और इसे जलाना अशुभ माना जाता है।
2. शमी : इस पेड़ का इस्तेमाल पूजा पाठ में होता है। अतः इसे जलाना मना है।
3. आम : आम के पत्ते को मांगलिका कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसे नहीं जलाना चाहिए।
4. आंवला : आंवले का औषधीय महत्व तो है ही, इसका धार्मिक महत्व भी है।
5. नीम : नीम एक स्वास्थ्यवर्धक पेड़ होता है, इसलिए इसे नहीं जलाना चाहिए।
6. केला : केले के पत्तों का इस्तेमाल भी पूजा पाठ में होता है।
7. अशोक : इसे खुशहाली एवं सौभाग्य का पेड़ माना जाता है।
8. बेल : यह भगवान शंकर का प्रिय पौध है, इसलिए इसे होलिका दहन में जलाना सही नहीं माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित हैं। इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है।
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