बिहार के सर्वाधिक पढ़े लिखे विधायकों के नाम जानिए :
बिहार के लोग पढ़ने लिखने में काफी कुशाग्र और मेधावी होते हैं। बिहार विधानसभा में भी कई ऐसे विधायक हैं जिन्होंने विदेशों में शिक्षा ग्रहण की है। उनमें से कुछ चुनिंदा विधायकों की सूची है।
Educated MLA of Bihar बिहार में शिक्षा को लेकर हमेशा से अच्छा माहौल रहा है। बिहार के लोग पढ़ाई लिखाई में बेहद कुशाग्र माने जाते रहे हैं। ऐसे में हम आज बात करेंगे वर्तमान विधानसभा में 05 सबसे शिक्षित विधायकों को लेकर...हालांकि इस बार की विधानसभा में काफी संख्या में शिक्षित विधायक जीत कर आए हैं, ऐसे में 05 की संख्या में सीमित करना संभव नहीं है फिर भी हम इस आपको बिहार के सर्वाधिक पढ़े लिखे विधायकों का नाम बताते हैं।
डॉ मंजरिक मृणाल : डॉ मंजरिक मृणाल जनता दल यूनाइटेड के विधायक हैं जो वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। मांजरिक से पहले उनके पिता अशोक कुमार मुन्ना भी इसी सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से मेडिकल इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। डॉ मंजरिक मृणाल ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में समस्तीपुर जिले की वारिसनगर सीट से सीपीआई एमएल के उम्मीदवार फूलबाबू सिंह को लगभग 34 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हराया।
रुहैल रंजन : बिहार के पढ़े लिखे विधायकों की लिस्ट में रुहैल रंजन का नाम भी आता है। रुहैल रंजन नालंदा जिले की इस्लामपुर विधानसभा सीट से जेडीयू के विधायक हैं। रुहैल रंजन के पिता राजीव रंजन भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। इन्होंने सैन जोस यूनिवर्सिटी, कैलिफॉर्निया से एमबीए किया है। इसके साथ ही वो बीआईटी, मेसरा से कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है। 2025 में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने आरजेडी के प्रत्याशी राकेश कुमा रौशन को लगभग 32 हजार वोटों से हराया।
शुभानंद मुकेश : भागलपुर जिले की कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू के विधायक शुभानंद मुकेश बिहार के दिग्गज कांग्रेस नेता रहें सदानंद सिंह के पुत्र हैं। शुभानंद मुकेश की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी के कैंडिडेट रजनीश भारती को 50 हजार वोटों के भारी भरकम अंतर से हराकर विधानसभा में दस्तक दी।
अतिरेक कुमार : अतिरेक कुमार दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान सीट से जेडीयू के विधायक निर्वाचित हुए हैं। अतिरेक के पिता डॉ अशोक कुमार राम भी एक जमाने में बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाते थें। पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पिता पुत्र जेडीयू में शामिल हुए थें। अतिरेक काफी पढ़े लिखे हुए नेता हैं। उन्होंने स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, द यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, यूएसए से ग्रेजुएशन किया है। उन्होने विगत विधानसभा चुनाव में निर्दलीय गणेश भारती को लगभग 36 हजार वोटों से हराया और जीत दर्ज की।
समृद्ध वर्मा : समृद्ध वर्मा पश्चिम चंपारण जिले की सिकटा विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके पिता दिलीप वर्मा भी इस सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। समृद्ध वर्मा भी नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के विधायक हैं। हालिया संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व विधायक फिरोज अहमद को 47 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया। समृद्ध वर्मा ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया ऑफ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
विदेशों में पढ़ाई करना, वहां से शिक्षा प्राप्त करना अच्छी बात है लेकिन लगभग विदेशों में पढ़ने वाले विधायक परिवारवाद की ही उपज हैं। सबके पिताजी पहले से राजनीति में थें। लगभग सबके पिताजी विधायक और मंत्री रह चुके हैं। इनके पास पैसा था, संसाधन था तो विदेश में पढ़ लिए लेकिन ऐसा नहीं है कि जो नहीं पढ़ पाए उनमें योग्यता की कोई कमी हो सकती है।
जमीन से जुड़े हुए विधायक भी जनता का भला कर रहे हैं। सच पूछें तो जनता से जुड़े हुए जमीनी नेता और विधायक ही जनता का दुख दर्द ज्यादा अच्छी तरह से समझते हैं। ऐसे में पढ़ाई लिखाई राजनीति के लिए अतिरिक्त योग्यता हो सकती है लेकिन विदेश में पढ़ लेने से कोई बहुत ज्यादा काबिल हो जाता है, राजनीति में ऐसा नहीं चलता है।
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